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लघुकथा: उपहार

लघुकथा: उपहार आज आपको क्या हो गया है? आपको तो बारिश से, सड़क किनारे बिकती खाने-पीने की चीजों से बहुत चिढ़ थी। गाड़ी से नीचे उतरना आपको अपनी शान के खिलाफ लगता था। आज आप मेरा हाथ थाम कर पैदल चल रहे हैं। बारिश में भीग रहे हैं। गर्म सिंकते [...]

“वह स्त्री कौन थी?”

“वह स्त्री कौन थी?” दिन का अवसान निकट था। कार्तिक मास की सांझ आसमान में बादलों की विविध आकृतियां निर्मित कर रहा था । सरिता का प्रवाहित जल चट्टानों से टकराकर नाद करता। तट बरसाती पौधों की नई कौम से आच्छादित थे। उन पर कुछ पुष्पित पौधे प्रकृति में चार [...]

मेरे प्यारे चांदमामा

मेरे प्यारे चांदमामा मामा मामा चाँद मामा चाँदनी तेरी फलकनामा बहुत सुंदर दिखता मामा धरती से दूर रहते हो मामा बच्चों का दुलारा मामा चाँद गोपाल ! सागर मंथन में पैदा हुए हैं। चाँद-लक्ष्मी भाई बहन हैं । माता लक्ष्मी सबकी माता है। इसलिए यह सब का मामा हैं । [...]

बड़ी वाली अलमारी

बड़ी वाली अलमारी गर्मी की छुट्टी हो चुकी है। भाभी और भैया कई बार घर आने के लिए फोन कर चुके हैं। मन तो उसका भी है पर घर में बिखरे कई कामों को निपटाने का मौका छुट्टी मे ही मिल पाता है। इसलिए कुछ छुट्टी घर पर बिताने के [...]

विश्व संभ्रांत समाज की बैठक

विश्व संभ्रांत समाज की बैठक जबलपुर- दिनांक 16-7-2024 को परमपूज्य विश्व रत्न पं. शीतला प्रसाद त्रिपाठी जी संस्थापक मुख्यालय विश्व संभ्रांत समाज ने अमरकंटक/ जबलपुर म. प्र. निवासी विश्व संभ्रांत समाज के विश्व अध्यक्ष प्रसिद्ध समाज सेवी, विश्व रत्न प्रोफेसर डॉ. अनिल कुमार को उनके निरंतर श्रेष्ठ कार्य के कारण [...]

(व्यंग्य) हाय! जुलाई

(व्यंग्य) हाय! जुलाई जुलाई, यह कैसी सौगात लाई । विद्यार्थी, माता-पिता की, अब शामत आई ।। लाद दिया बोझा, कापी-किताबों का । हुआ चकनाचूर, महल उनके ख़्वाबों का ।। स्कूल खुलने का, तुमसे गहरा नाता है । गरीबी में आटा, गीला हुआ जाता है ।। करूँ कैसे स्वागत, ना पड़ता [...]

ग़ज़ल

ग़ज़ल दुख अपने, बेचने गया, एक दिन बाजार में । आया ना कोई, बैठा रहा, इंतज़ार में ।। बच्चों के साथ खेला तो, दुख सारे मिट गये । आया है मजा जीतने का, ख़ुद की हार में ।। खुशियां मिलीं जो उस दिन, अनमोल बन गईं । जिनकी नहीं है [...]

कौन किसी का होता है

कौन किसी का होता है ओ जीवन राहें बदल ज़रा, कौन किसी का होता है, विश्वास खोजने निकला हूँ, जब तार-तार दिल होता है। झटके खाते खाते जीवन, सूखी आँखों से रोता है, दिन – रात की आपा धापी में बस उसे रिझाने निकला हूँ। काम, क्रोध, मद, लोभ मिटाकर, [...]

मन की चौपाल में काव्य पाठ

मन की चौपाल में काव्य पाठ मंजू अशोक राजाभोज, भंडारा (महाराष्ट्र) ने बताया कि उनके जीवन में वह पल आया जब उन्हें न्यूज ग्लोबल समाचार वार्ता के अंतर्गत मन की चौपाल कवियों के संग मंच पर इंडियन मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन के अंतरराष्ट्रीय सदस्य आ. श्री सुरेश पुष्पाकर जी, इंडियन मीडिया [...]

साहित्यिक संस्था ‘शब्दाक्षर’ द्वारा भव्य काव्यानुष्ठान का हुआ आयोजन

साहित्यिक संस्था ‘शब्दाक्षर’ द्वारा भव्य काव्यानुष्ठान का हुआ आयोजन औरंगाबाद 16/7/24 जिला मुख्यालय औरंगाबाद में व्यवहार न्यायालय के वरीय अधिवक्ता योगेश मिश्र के आवास पर उनके अनुज राकेश मिश्र के पुत्र के अन्नप्राशन के अवसर पर राष्ट्रीय स्तर की साहित्यिक संस्था ‘शब्दाक्षर’ ने काव्यनुष्ठान का आयोजन किया। उक्त संस्था के [...]