“!! कल्पकथा परिवार ने किया क्रांतिवीरों को काव्य नमन !!”
“!! कल्पकथा परिवार ने किया क्रांतिवीरों को काव्य नमन !!”
समाज में हिन्दी भाषा, सद साहित्य, एवं भारतीय संस्कृति, के सम्मान हेतु कृत संकल्पित कल्पकथा परिवार के संस्थापक पवनेश मिश्रा ने बताया कि रविवार दिनाँक २३ मार्च २०२५ को कल्पकथा साहित्य संस्था की १८९ वीं काव्यगोष्ठी में अमर बलिदानी सरदार भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव जी, के बलिदान दिवस पर काव्य स्वरों में सादर श्रद्धांजलि अर्पित की।
डॉ ऊषा पाण्डेय “शुभांगी” जी कोलकाता पश्चिम बंगाल की अध्यक्षता में कार्यक्रम का शुभारंभ गुरु वंदना, गणेश वंदना, एवं सरस्वती वंदना, के साथ कल्पकथा परिवार की संस्थापक दीदी श्रीमती राधा श्री शर्मा जी ने किया।
वहीं कोंच उप्र के आशुकवि श्री भास्कर सिंह माणिक के मंच संचालन में विजय रघुनाथराव डांगे, डॉ अंजू सेमवाल, डॉ मंजू शकुन खरे, दुर्गादत्त मिश्रा बाबा, सुजीत कुमार पाण्डेय, नंदकिशोर बहुखंडी, डॉ चंदा देवी स्वर्णकार, डॉ ऊषा पाण्डेय शुभांगी, श्रीमती ज्योति राघव सिंह, ऋतु अग्रवाल, शोभा प्रसाद, भास्कर सिंह माणिक, रमेश चंद्रा गौतम, डॉ पंकज कुमार बर्मन जी, राधा श्री शर्मा, पवनेश मिश्रा ने काव्य रचनाओं में क्रांतिवीरों के यश, गौरव, बलिदान को नमन किया।
अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ ऊषा पाण्डेय शुभांगी जी ने आयोजन और रचनाकारों की प्रशंसा करते हुए राष्ट्रध्वज तिरंगे के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध रहने का संकल्प दिलाया। जबकि अंत में दीदी श्रीमती राधा श्री शर्मा जी ने “सर्वे भवन्तु सुखिन” के पाठ के साथ सभी का आभार प्रकट किया।