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माँ की महिमा

माँ की महिमा

माँ दुर्गा नवरात्रि में,
मैं नव रूपों की पूजा करूँ।
जोत जगा के,
माँ तुझको
अलग-अलग भोग लगाएं।
मैया शैलपुत्री,
आपको भोग लगाएं,
बने घी के पकवानों का।
अपनी महिमा बरसा दो माँ,
दुर्गा मैया जी के चरणों में
मैं शीश झुकाउँ।
मैया ब्रह्मचारिणी,
आपको भोग लगाएं,
चीनी, पतासे, मिश्री के,
मीठे मीठे पकवानों का।
अपनी महिमा बरसा दो माँ।
दुर्गा मैया जी के चरणों में,
मैं शीश झुकाउँ।
मैया चंद्रघंटा,
आपको भोग लगाएं
बना के दूध से,
मीठी मीठी खीर के पकवान का।
अपनी महिमा बरसा दो माँ।
दुर्गा मैया जी के चरणों में,
मैं शीश झुकाउँ।
मैया कूष्मांडा,
आपको भोग लगाएं,
मालपुआ के पकवान का।
अपनी महिमा बरसा दो माँ।
दुर्गा मैया जी के चरणों में,
मैं शीश झुकाउँ।
मैया स्कंदमाता,
आपको भोग लगाएं
केले के फल के पकवान का।
अपनी महिम बरसा दो माँ।
दुर्गा मैया जी के चरणों में,
मैं शीश झुकाउँ।
मैया कल्यायानी,
आपको भोग लगाएं,
मीठे मीठे शहद का।
अपनी महिमा बरसा दो माँ।
दुर्गा मैया जी के चरणों में,
मैं शीश झुकाउँ।
मैया कालरात्रि,
आपको भोग लगाएं,
गुड़ की मिठाई के पकवानों का,
अपनी महिमा बरसा दो माँ।
दुर्गा मैया जी के चरणों में,
मैं शीश झुकाउँ।
मैया महागौरी,
आपको भोग लगाएं,
नारियल का ।
अपनी महिमा बरसा दो माँ।
दुर्गा मैया जी के चरणों में,
मैं शीश झुकाउँ।
मैया सिद्धिदात्री,
आपको भोग लगाएं,
हलवा पुरी के पकवान का।
अपनी महिमा बरसा दो माँ।
दुर्गा मैया जी के चरणों में,
शीश झुकाउँ।
माँ दुर्गा नवरात्रि में,
मैं नव रूपों की पूजा करूँ।
जोत जगा के,
माँ तुझे को
अलग-अलग भोग लगाएं।

कविता चौधरी ( राजस्थान )

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